Yllix

नेटवर्क मार्केटिंग में धोखा सावधान।

#FDSA
डायरेक्ट सेलिंग की आड़ में चल रहे धोखा धड़ी के प्लान से सावधान

          “डायरेक्ट सेलिंग” एक बेहद साफ़-सुथरा व्यवसाय है,  लेकिन हमारे व्यवसाय में धोखेबाज कंपनियों एवं धोखेबाज लोगों (लीडर्स) की मौजूदगी बड़ी चिंता का विषय है। ऐसी धोखेबाज कंपनियां और धोखेबाज लोग (लीडर्स) इस व्यवसाय में आने वाले लोगों को रातों-रात अमीर बनाने के सपने  दिखाते हैं और किसी न किसी प्रकार से सिर्फ पैसे लेकर कई गुना मुनाफे सहित एक निश्चित समय सीमा में वापस करने का वायदा करके लोगों को अपने झांसे में ले आते हैं। इस प्रकार की कंपनियां कभी सोना,  कभी क्लिक,  कभी सर्वे,  कभी विज्ञापन,  कभी फर्जी क्रिप्टोकरंसी,  कभी तेल कंपनी आदि के नाम पर मूर्ख बनाती हैं !

एक कंपनी चल रही है जो दिखावे भर के लिए प्रॉडक्ट का मुखौटा लगाए हुए है और अपने बिज़नेस प्लान में रातों रात अमीर बनने का दावा पेश कर रही है - जिसमें रूपये लगाने पर 12 या 18 महीने तक लगातार आप को आमदनी मिलती रहेगी या आप दो अन्य लोगों को प्रॉडक्ट खरीदवायें तो अगले 12 महीने या 18 महीने तक एक निर्धारित रकम आप को मिलती रहेगी! आपकी बेवकूफ बनाने के लिए सैलरी प्लान, सिंगल लेग-प्लान, ऑटो-फिल पूल-प्लान जैसी अलग-अलग स्कीमें भी कंपनी बता रही है।

एक अन्य कंपनी कहती है - "दोस्तो आ गया है 21 वी सदी का सबसे बैस्ट प्लान जो नैटवर्क मार्कटिगं का इतिहास बदल रहा है ✍✍ दोस्तो मै आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपने ऐसा प्लान न तो कभी देखा होगा और न ही कभी सुना होगा 🏅 💯  तो फिर देर किस बात की है शुरू हो जाओ इतिहास रचने के लिये - तो जल्दी कीजिये अपने अपने शहर मे टॉप ID की पोजिशन लेने के लिये !! दोस्तो हो सकता है कि आपको ये जॉइनिंग अमाउंट ज्यादा लगे एक बार प्लान को ध्यान से देखना नही समझ आए तो एक बार पूरी जानकारी लेना क्योंकि आपका कैरियर सैट करने में इससे बढ़िया option नहीं हो सकता"

सावधान - ऐसे दावे कर रही उपर्युक्त दोनों योजनाएं फर्जी लाइनों पर हैं।
ऐसी योजनाएं भारत सरकार के डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन्स 2016 के अनुसार नहीं हैं, लेकिन इन्हें मनी सर्कुलेशन (बैनिंग) एक्ट 1978 के तहत अपराध माना जाता है। वास्तव में आमदनी को प्रॉडक्ट की बिक्री से प्राप्त किया जाना चाहिए, जोकि कानूनी रूप से प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपने और टीम के कुल कारोबार के माध्यम से वैध है। किसी अन्य प्रकार की आय जो डायरेक्ट सेलिंग दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं है, कानूनी मान्यता में नहीं है!

आज, बाजार में ऐसी कई धोखाधड़ी की स्कीमें चल रही हैं।

डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के अधिकारों और गरिमा के लिए “फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन” (FDSA) लंबे समय से संघर्षरत है ! इस संस्था ने ग्राहकों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए समय-समय पर अपनी तरफ से भरपूर प्रयास किये हैं। "क्लिक" आधारित एक बड़े फर्ज़ीवाड़े का भांडा-फोड़ करके तथा क्रिप्टो करेंसी की चेतावनी जारी करके लोगों को बचाने की कोशिश की है।
फर्ज़ीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्टों की एक नेगेटिव प्रॉडक्ट लिस्ट जून 2016  में जारी  की गई जिसमें लोगों को धोखा देने के लिए कंपनियों द्वारा उपयोग किए गए उत्पाद शामिल थे। हमारी यह कोशिश अनसुनी नहीं रही; सरकार ने 2017 में उसके महत्व को समझा है और 2018 में घोटाले चलाने वाली धोखाधड़ी कंपनियों पर कार्रवाई होती दिख रही है - जो कंस्यूमर प्रोटेक्शन के लिए नेगेटिव प्रोडक्ट लिस्ट की बेहद उपयोगी भूमिका को रेखांकित करता है !!

हम जन साधारण को  चेतावनी देना चाहते हैं कि कोई भी कंपनी अगर किसी भी प्रकार के सैलरी-प्लान,  सिंगल-लेग-प्लान, ऑटो-फिल पूल-प्लान या इन जैसी कोई भी आमदनी (इनकम) का वायदा कर रही है तो वह गलत है। ऐसी आय को बढ़ावा देने वाली कंपनियां, उनके मालिकों और उनके प्रमोटरों और उनके लीडरों को परिणाम भुगतने होंगे।

ऐसी कंपनियों से दूर रहें यहाँ आपकी कड़ी मेहनत का पैसा डूबने का पूरा खतरा है। यह वही रास्ता है जिस पर एक कंपनी ने 6 लाख से अधिक लोगों को मूर्ख बनाकर 3600 करोड़ रुपये उगाहे और पैसा बनाया। यह कंपनी अब कानूनी शिकंजे में है। लेकिन आम जनता को अपने पैसे वापस मिलने की संभावना नहीं है।
ऐसी कंपनियां समय-समय पर बाजार में दिखाई देती रहती हैं। वास्तव में ये कंपनियां नाम बदल कर आती रहती हैं, लेकिन घोटाले करने वालों के चेहरे वही रहते हैं। उपभोक्ता की सुरक्षा के लिए, नेगेटिव प्रोडक्ट लिस्ट बनाने के बाद, एफडीएसए ने नेगेटिव कंपनियों की एक सूची बनाई है, जो कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों और सरकार की जानकारी में लाई गई है।

अब, एफडीएसए ने लीडरों की एक नेगेटिव लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है - जिसमें उन लीडरों के नाम शामिल हैं जो हर फर्ज़ीवाड़े में शामिल रहते हैं और घोटालों की श्रृंखला को जन्म देते हैं। यह लिस्ट भी कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों और सरकार को जानकारी के लिए बनाई जा रही है।

ऐसे में एक और अपील हम आप सबसे करना चाहते हैं कि डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री को स्वच्छ करने का अभियान आप सबके सहयोग के बिना मुमकिन नहीं है।  कंपनियां भले ही अलग-अलग क्यों न हों लेकिन मेहनतकश एवं भोले-भाले लोगों को चूना लगाने वाले लोगों के चेहरे एक जैसे ही रहते हैं ! यह एक प्रकार की दीमक है जो इंडस्ट्री में रहते हुए इंडस्ट्री को खोखला कर रही है और ये तथाकथित लीडर्स कंपनी के भाग जाने से पहले यही चेहरे जोर-शोर से पूरे जोश में स्टेज पर आकर अपनी सफलता के कसीदे पढ़ते हैं और कंपनी के भाग जाने के बाद मासूम सा चेहरा बनाकर बोलते हैं कि कंपनी ने मुझे भी तो ठगा है,  और लोग इन पर विश्वास कर के माफ़ कर देते हैं और ये लीडर्स बच जाते हैं फिर से लोगों को ठगने के लिए !
आइए मिलकर अपनी इंडस्ट्री को स्वच्छ बनाएं

शिक्षा आज की सच्चाई

पिता बेटे को डॉक्टर बनाना चाहता था।

बेटा इतना मेधावी नहीं था कि PMT क्लियर कर लेता।

इसलिए दलालों से MBBS की सीट खरीदने का जुगाड़ किया गया।

जमीन, जायदाद जेवर गिरवी रख के 35 लाख रूपये दलालों को दिए, लेकिन वहाँ धोखा हो गया।

फिर किसी तरह विदेश में लड़के का एडमीशन कराया गया, वहाँ भी चल नहीं पाया।

फेल होने लगा..
डिप्रेशन में रहने लगा।

रक्षाबंधन पर घर आया और यहाँ फांसी लगा ली।
20 दिन बाद माँ,बाप और बहन ने भी कीटनाशक खा के आत्म-हत्या कर ली।

अपने बेटे को डॉक्टर बनाने की झूठी महत्वाकांक्षा ने पूरा परिवार लील लिया।
माँ बाप अपने सपने, अपनी महत्वाकांक्षा अपने बच्चों से पूरी करना चाहते हैं ...

मैंने देखा कि कुछ माँ बाप अपने बच्चों को Topper बनाने के लिए इतना ज़्यादा अनर्गल दबाव डालते हैं
कि बच्चे का स्वाभाविक विकास ही रुक जाता है।

आधुनिक स्कूली शिक्षा बच्चे की Evaluation और Grading ऐसे करती है, जैसे सेब के बाग़ में सेब की खेती की जाती है।
पूरे देश के करोड़ों बच्चों को एक ही Syllabus पढ़ाया जा रहा है ..

For Example -

जंगल में सभी पशुओं को एकत्र कर सबका इम्तहान लिया जा रहा है और पेड़ पर चढ़ने की क्षमता देख के Ranking निकाली जा रही है।

यह शिक्षा व्यवस्था ये भूल जाती है कि इस प्रश्नपत्र में तो बेचारा हाथी का बच्चा फेल हो जाएगा और बन्दर First आ जाएगा।

अब पूरे जंगल में ये बात फ़ैल गयी कि कामयाब वो जो झट से कूद के पेड़ पर चढ़ जाए।

बाकी सबका जीवन व्यर्थ है।

इसलिए उन सब जानवरों के,  जिनके बच्चे कूद के झटपट पेड़ पर न चढ़ पाए, उनके लिए कोचिंग Institute खुल गए, वहां पर बच्चों को पेड़ पर चढ़ना सिखाया जाता है।

चल पड़े हाथी, जिराफ, शेर और सांड़, भैंसे और समंदर की सब मछलियाँ चल पड़ीं अपने बच्चों के साथ, Coaching institute की ओर ........

हमारा बिटवा भी पेड़ पर चढ़ेगा और हमारा नाम रोशन करेगा।

हाथी के घर लड़का हुआ .......
तो उसने उसे गोद में ले के कहा- 'हमरी जिन्दगी का एक ही मक़सद है कि हमार बिटवा पेड़ पर चढ़ेगा।'

और जब बिटवा पेड़ पर नहीं चढ़ पाया, तो हाथी ने सपरिवार ख़ुदकुशी कर ली।

अपने बच्चे को पहचानिए।
वो क्या है, ये जानिये।

हाथी है या शेर ,चीता, लकडबग्घा , जिराफ ऊँट है
या मछली , या फिर हंस , मोर या कोयल ?
क्या पता वो चींटी ही हो ?

और यदि चींटी है आपका बच्चा, तो हताश निराश न हों।
चींटी धरती का सबसे परिश्रमी जीव है और अपने खुद के वज़न की तुलना में एक हज़ार गुना ज्यादा वजन उठा सकती है।

इसलिए अपने बच्चों की क्षमता को परखें और जीवन में आगे बढ़ने के लिए

प्रोत्साहित करें..

हतोत्साहित नही......

SAVE HUMAN BEHAVIOR FIRST...

Parents love your kids as they are🙏🏻
Kyoki shehnai bajake  bhi BHARAT RATNA mila hai.

क्या लू लगने से मृत्यु हो सकता है ?




            # PROTECT THE LIFE #
हम सभी धूप में घूमते हैं फिर कुछ लोगों की ही धूप में जाने के कारण अचानक मृत्यु क्यों हो जाती है ?

👉 हमारे शरीर का तापमान हमेशा 37° डिग्री सेल्सियस होता है, इस तापमान पर ही हमारे शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम कर पाते है ।

👉 पसीने के रूप में पानी बाहर निकालकर शरीर 37° सेल्सियस टेम्प्रेचर मेंटेन रखता है, लगातार पसीना निकलते वक्त भी पानी पीते रहना अत्यंत जरुरी और आवश्यक है ।

👉 पानी शरीर में इसके अलावा भी बहुत कार्य करता है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने पर शरीर पसीने के रूप में पानी बाहर निकालना टालता है । (बंद कर देता है )

👉 जब बाहर का टेम्प्रेचर 45° डिग्री के पार हो जाता है और शरीर की कूलिंग व्यवस्था ठप्प हो जाती है, तब शरीर का तापमान 37° डिग्री से ऊपर पहुँचने लगता है ।

👉 शरीर का तापमान जब 42° सेल्सियस तक पहुँच जाता है तब रक्त गरम होने लगता है और रक्त में उपस्थित प्रोटीन पकने लगता
है ।

👉  स्नायु कड़क होने लगते हैं इस दौरान सांस लेने के लिए जरुरी स्नायु भी काम करना बंद कर देते
हैं ।

👉 शरीर का पानी कम हो जाने से रक्त गाढ़ा होने लगता है, ब्लडप्रेशर low हो जाता है, महत्वपूर्ण अंग (विशेषतः ब्रेन) तक ब्लड सप्लाई रुक जाती है ।

👉 व्यक्ति कोमा में चला जाता है और उसके शरीर के एक-एक अंग कुछ ही क्षणों में काम करना बंद कर देते हैं, और उसकी मृत्यु हो जाती है ।

👉गर्मी के दिनों में ऐसे अनर्थ टालने के लिए लगातार थोड़ा-2 पानी पीते रहना चाहिए और हमारे शरीर का तापमान 37° मेन्टेन किस तरह रह पायेगा इस ओर  ध्यान देना चाहिए ।

Equinox phenomenon: इक्विनॉक्स प्रभाव आने वाले दिनों में भारत को प्रभावित करेगा ।

कृपया 12 से 3 बजे के बीच घर, कमरे या ऑफिस के अंदर रहने का प्रयास करें ।

तापमान 40 डिग्री के आस पास विचलन की अवस्था मे रहेगा ।

यह परिवर्तन शरीर मे निर्जलीकरण और सूर्यातप की स्थिति उत्पन्न कर देगा ।

(ये प्रभाव भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर सूर्य चमकने के कारण पैदा होता है) ।

कृपया स्वयं को और अपने जानने वालों को पानी की कमी से ग्रसित न होने दें ।

किसी भी अवस्था में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पियें । किडनी की बीमारी वाले प्रति दिन कम से कम 6 से 8 लीटर पानी जरूर लें ।

जहां तक सम्भव हो ब्लड प्रेशर पर नजर रखें । किसी को भी हीट स्ट्रोक हो सकता है ।

ठंडे पानी से नहाएं । इन दिनों मांस का प्रयोग छोड़ दें या कम से कम
करें ।

फल और सब्जियों को भोजन मे ज्यादा स्थान दें ।

हीट वेव कोई मजाक नही है ।

एक बिना प्रयोग की हुई मोमबत्ती को कमरे से बाहर या खुले मे रखें, यदि मोमबत्ती पिघल जाती है तो ये गंभीर स्थिति है ।

शयन कक्ष और अन्य कमरों मे 2 आधे पानी से भरे ऊपर से खुले पात्रों को रख कर कमरे की नमी बरकरार रखी जा सकती है ।

अपने होठों और आँखों को नम रखने का प्रयत्न करें ।
ऐसे फल सेवन कर जिसमें पानी की मात्रा ज्यादा हो, ।
जनहित में इस सन्देश को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित कर अपना और अपने जानकार लोगों का भला
करें ।

हिन्दुओ की रहस्यमय जानकारी

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… जानकारी

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -
1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-

ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।

ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी

ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।

ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद


अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है

This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...

अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......



अपनी भारत की संस्कृति
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये.
खासकर अपने बच्चो को बताए
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...

📜😇  दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !

📜😇  तीन ऋण -

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !

📜😇   चार युग -

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !

📜😇  चार धाम -

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !

📜😇   चारपीठ -

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद-

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !

📜😇  चार आश्रम -

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण -

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !

📜😇  पञ्च गव्य -

गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !

📜😇  पञ्च देव -

गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !

📜😇 पंच तत्त्व -

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !

📜😇  छह दर्शन -

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !

📜😇  सप्त ऋषि -

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!

📜😇  सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !

📜😊  आठ योग -

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !

📜😇 आठ लक्ष्मी -

आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !

📜😇 नव दुर्गा --

शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !

📜😇   दस दिशाएं -

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !

📜😇  मुख्य ११ अवतार -

 मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !

📜😇 बारह मास -

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !

📜😇  बारह राशी -

मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
कन्या !

📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग -

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

📜😇 पंद्रह तिथियाँ -

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !

📜😇 स्मृतियां -

मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !


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इस पोस्ट को अधिकाधिक शेयर करें जिससे सबको हमारी संस्कृति का ज्ञान हो।

अपने अंतरात्मा को सुख कैसे पहुचए?

लस्सी का ऑर्डर देकर हम सब आराम से बैठकर एक दूसरे की खिंचाई और हंसी-मजाक में लगे ही थे कि एक लगभग 70-75 साल की माताजी कुछ पैसे मांगते हुए मेरे सामने हाथ फैलाकर खड़ी हो गईं....!

उनकी कमर झुकी हुई थी,. चेहरे की झुर्रियों में भूख तैर रही थी... आंखें भीतर को धंसी हुई किन्तु सजल थीं... उनको देखकर मन में न जाने क्या आया कि मैने जेब मे सिक्के निकालने के लिए डाला हुआ हाथ वापस खींचते हुए उनसे पूछ लिया......

"दादी लस्सी पियोगी ?"

मेरी इस बात पर दादी कम अचंभित हुईं और मेरे मित्र अधिक... क्योंकि अगर मैं उनको पैसे देता तो बस 5 या 10 रुपए ही देता लेकिन लस्सी तो 35 रुपए की एक है... इसलिए लस्सी पिलाने से मेरे गरीब हो जाने की और उस बूढ़ी दादी के द्वारा मुझे ठग कर अमीर हो जाने की संभावना बहुत अधिक बढ़ गई थी!

दादी ने सकुचाते हुए हामी भरी और अपने पास जो मांग कर जमा किए हुए 6-7 रुपए थे वो अपने कांपते हाथों से मेरी ओर बढ़ाए... मुझे कुछ समझ नही आया तो मैने उनसे पूछा...

"ये किस लिए?"

"इनको मिलाकर मेरी लस्सी के पैसे चुका देना बाबूजी !"

भावुक तो मैं उनको देखकर ही हो गया था... रही बची कसर उनकी इस बात ने पूरी कर दी !

एकाएक मेरी आंखें छलछला आईं और भरभराए हुए गले से मैने दुकान वाले से एक लस्सी बढ़ाने को कहा... और उन दादी से कहा ये आप ही रख लो ! उन्होने अपने पैसे वापस मुट्ठी में बंद कर लिए और पास ही जमीन पर बैठ गईं...

अब मुझे अपनी लाचारी का अनुभव हुआ क्योंकि मैं वहां पर मौजूद दुकानदार, अपने दोस्तों और कई अन्य ग्राहकों की वजह से उनको कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं कह सका !

डर था कि कहीं कोई टोक ना दे.....कहीं किसी को एक भीख मांगने वाली बूढ़ी महिला के उनके बराबर में बिठाए जाने पर आपत्ति न हो जाये... लेकिन वो कुर्सी जिस पर मैं बैठा था मुझे काट रही थी......

लस्सी कुल्लड़ों मे भरकर हम सब मित्रों और बूढ़ी दादी के हाथों मे आते ही मैं अपना कुल्लड़ पकड़कर दादी के पास ही जमीन पर बैठ गया क्योंकि ऐसा करने के लिए तो मैं  स्वतंत्र था... इससे किसी को  आपत्ति नही हो सकती थी... हां! मेरे दोस्तों ने मुझे एक पल को घूरा... लेकिन वो कुछ कहते उससे पहले ही दुकान के मालिक ने आगे बढ़कर दादी को उठाकर कुर्सी पर बैठा दिया और मेरी ओर मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर कहा.......

"ऊपर बैठ जाइए साहब ! मेरे यहां ग्राहक तो बहुत आते हैं किन्तु इंसान कभी-कभार ही आता है"

अब सबके हाथों मे लस्सी के कुल्लड़ और होठों पर सहज मुस्कुराहट थी, बस एक वो दादी ही थीं जिनकी आंखों मे तृप्ति के आँसू... होंठों पर मलाई के कुछ अंश और दिल में सैकड़ों दुआएं थीं !

न जानें क्यों जब कभी हमें 10-20-50 रुपए किसी भूखे गरीब को देने या उसपर खर्च करने होते हैं तो वो हमें बहुत ज्यादा लगते हैं लेकिन सोचिए कि क्या वो चंद रुपए किसी के मन को तृप्त करने से अधिक कीमती हैं ?

दोस्तों... तो चलिये हम औऱ आप आज से  ऐसे दयापूर्ण और करुणामय काम करते रहें भले ही कोई अभी आपका साथ दे या ना दे , समर्थन करे ना  करें...  सच मानिए इससे आपको जो आत्मिक सुख मिलेगा वह अमूल्य है ।

Blog ki Traffic Kaise Badhaye/ ब्लॉग की ट्रैफिक कैसे बढ़ाये?

 

1 – कभी भी किसी भी काम को छोटा नही समझना चाहिए इसी मूलमंत्र पर जब आप कोई काम शुरू करते है तो निश्चित ही आप छोटे से काम की शुरुआत करते हुए आप सफलता की उचाईयो पर जा सकते है ठीक ऐसा ही कुछ ब्लॉग का क्षेत्र भी है, ब्लॉग के क्षेत्र में जब कोई कदम रखता है तो उसे कोई नही जानता है यहाँ तक की चाहे कितने सफल भी क्यू न हो जाए लेकिन कोई भी आपको Personally तौर पर कुछ लोग ही जान पाते है लेकिन हर किसी को सिर्फ और सिर्फ आपके ब्लॉग वेबसाइट के माध्यम से ही आपको जानते होंगे
यानी ब्लॉग एक ऐसा माध्यम है जो लोगो के बीच में न रहते हुए भी लाखो लोगो के बीच में अपनी लिखी गयी बातो के माध्यम से रहा जा सकता है यानि आपकी लेखनी ही आपकी ताकत है तो दोस्तों अगर ब्लॉग में सफल होना है तो आप जिस भी क्षेत्र के टॉपिक पर ब्लॉग लिखते है उसमे महारत हासिल कीजिये और एक सफल ब्लागर की निशानी भी यही है की वह अपने पाठको को कितने सरल भाषा में अपनी बातो से समझा पा रहा है और लिखते समय इस बात का जरुर ध्यान रखना चाहिए की आपके और पाठको के बीच एक अपनापन का भाव हो, यही गुण आपको एक सफल ब्लागर बना सकता है
2 – ब्लॉग का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है लोगो की हेल्प करना, क्या आपने कभी सोचा है की ब्लॉग क्यू लिखा जाता है तो जान लीजिये ब्लॉग लिखने का सबसे बड़ा कारण होता है लोगो को अपने जानकारियों और लिखी गयी बातो के माध्यम से हमेसा दुसरो की सेवा में सदैब तत्पर रहना, जो लोग ब्लॉग लिखते है उनका मुख्य मकसद भी यही होता है की अपने ब्लॉग के माध्यम से लोगो की मदद की जाय, अगर आप भी ब्लॉग लिखते है तो इसे हमेसा फर्स्ट पर रखिये फिर देखिये कैसे लोग आपसे जुड़ते चले जाते है
3 – ब्लॉग का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है Comment , अब आप सोच रहे होने की भला कमेंट के माध्यम से आपके ब्लॉग को इतना क्या फायदा होंने वाला है तो जान लीजिये जब भी आप कोई पोस्ट लिखते है तो उस पोस्ट को पढकर लोगो के मन में तरह तरह के सवाल आते है जिसका उत्तर पाठक आपसे जानना चाहते है यदि आप ब्लागिंग में सफल होना चाहते है कभी भी कमेंट को Ignore न करे और अपने यदि कमेंट के माध्यम से आप यदि अपने पाठको को संतुष्ट कर पाते है तो निश्चित ही आपके पाठक किसी भी भी वक्त आपके ब्लॉग पर जरुर विजिट करेगे
4 – Competition के इस माहौल में भला आपका भी Competition अन्य दुसरे ब्लाग से हो सकता है इससे कभी भी घबराईये मत, क्यूकी जहा Competition का माहौल होता है वहा आपको हमेशा और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है और अपने आप को कभी भी टॉप पर मत समझिये क्यूकी एक नये ब्लागर से भी आप कुछ न्य करने को सीख सकते है जो की आपके ब्लॉग के सफर में अच्छा ही होने वाला हो सकता है इसलिए हमेसा दुसरो से सीखने का भाव होना चाहिए अगर इसी लक्ष्य के साथ आप आगे बढ़ते रहे तो निश्चित ही आप एक सफल ब्लागर बन सकते है
5 – वैसे तो आजकल हर किसी के पास मोबाइल Smartphone होता है और यदि आप ब्लॉग लिखते है तो निश्चित ही आपके पास भी मोबाइल तो जरुर होंगा ही, अपने पाठको से हर समय जुड़ने के लिए मोबाइल फोन एक बेहतर साधन हो सकता है क्यूकी आप हर घड़ी 24 घंटे अपने लैपटॉप के साथ तो रह नही सकते है ऐसी स्थिति में यदि आप अपने मोबाइल में यदि wordpress या Blogger पर ब्लॉग लिखते है तो आप इनके अपने मोबाइल में Apps डाउनलोड कर सकते है इसका सबसे बड़ा फायदा यह होंगा की आप मोबाइल से पोस्ट तो आसानी से लिख नही सकते है लेकिन कभी भी वक्त मिलने पर अपने पाठको को उनके कमेंट का जबाव तुरंत दे सकते है ऐसा करने से आपके और आपके पाठको के बीच एक अच्छा सम्बन्ध बनेगा जो आपकी ब्लॉग को सफल बनाने में जरुर मदद करेगा
Example के लिए इस पोस्ट के कमेंट को देखिये –
6 – किसी भी ब्लागर का सपना होता है की उसके वेबसाइट पर लोग अधिक से अधिक विजिट करे यह सोचना जितना आसान है उतना कठिन भी नही है यदि आप ब्लागिंग में नये है और आपने शुरू शुरू में खूब जोश में पोस्ट लिखना शुरू करते है लेकिन कुछ महीनो के बाद लगता है आपको ब्लागिंग से कुछ फायदा नही हो रहा है या पैसे नही कमा रहे है तो सबसे पहले पैसे कमाने के उद्देश्य से आप ब्लॉग लिख रहे है तो आप ब्लॉग में कभी सफल नही हो सकते है, ब्लॉग लिखना जितना आज के समय आसान हो गया है उतने अधिक लम्बे समय तक समय देना कठिन भी हो गया है क्यूकी सभी लोग अपने काम का तुरंत रिजल्ट चाहते है तो यदि आप शुरू शुरू में ब्लॉग को पार्ट टाइम के रूप में काम करते है तो निश्चित ही आप सफल हो सकते है लेकिन ब्लॉग लिखने के समय में काफी अन्तराल भी आपके नियमित पाठक को आपसे दूर कर सकता है तो इसके लिए आप खुद तय कीजिये की आपको कितने दिनों के अन्तराल पर ब्लॉग लिखते रहना है ऐसा करने से आपके और आपके पाठको के बीच हमेशा तालमेल बना रहेगा जो कही न कही आपके ब्लॉग को सफल बनाने में एक बेहतर कदम साबित होंगा
7 – अक्सर लोगो के द्वारा यह कहते हुए सुना जाता है की जो लोग ब्लॉग लिखते है वे अपनों से कट जाते है और हमेसा ब्लॉग और कंप्यूटर में ही डूबे रहते है ऐसा जो लोग कहते है उनकी बातो को कभी भी बुरा नही मानना चाहिए अगर आपके अंदर Negative को भी Positive देखने की क्षमता है तो निश्चित ही यह बात आपके लिए वरदान साबित हो सकती है क्यूकी आप जानते ही है जो लोग आज के दौर में सफल है चाहे वह Tata, Birla ही क्यू न हो वे अपने शुरुआत के समय में 18 घंटे से भी अधिक लगातार काम करते थे जिसके कारण आज वे इस मुकाम पर पहुचे है तो भला आप मेहनत करने से क्यू जी चुराए .
8 – सबसे जरुरी बात अगर आपको ब्लॉग लिखने का कोई शौक नही है फिर भी आप लिखते जा रहे है तो सकता है की कुछ समय बाद इतने मेहनत करने के बाद अपना ब्लॉग बंद कर दे जो कही न कही आपके लगे समय को एक पल में बर्बाद कर सकता है इसलिए अगर आपको ब्लॉग लिखने का शौक है तो इसे अपना Passion बनाये न की इंटरेस्ट.
9 – किसी भी ब्लॉग की सफलता के लिए वर्तमान की घटनाओ का विशेष योगदान होता है इसलिए आप ब्लॉग लिखते है अपने ब्लॉग टॉपिक से वर्तमान की घटनाओ से Related Post भी जरुर लिखने चाहिए क्यूकी जो वर्तमान में हो रहा है उसे हर कोई जानना चाहता है इसलिए यदि आपको ब्लॉग में सफल होना है वर्तमान की घटनाओ को पोस्ट के रूप में जरुर लिखे
10 – किसी भी ब्लॉग की सफलता के लिए पाठको का आपके ब्लॉग से दी गयी जानकारी से संतुष्ट होना अनिवार्य है इसलिए आप जो कुछ भी ब्लॉग के पोस्ट के रूप में लिखते है उसकी भाषा एकदम स्पष्ट और पूर्ण होनी चाहिए
http://happylovelymessage.blogspot.in/2018/04/blog-post_12.html 

Sab kuch

मूलाधार चक्र हीलिंग।

  https://youtu.be/APq3mCgb3fM?si=D1nkuyqimWfZXSyp ये वीडियो जरूर देखें, मूलाधार चक्र हीलिंग का है ,रात को सोने से पहले जरूर देखें बहुत पावर...